रानीगंज-सिखों के नौंवे गुरु गुरु तेग बहादर की 347 वीं शहादत दिवस रानीगंज गुरुद्वारा प्रबन्धकीय समिति तरफ से 4 दिसंबर को हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी.प्रत्येक वर्ष गुरु पर्व के पूर्व सात दिनों तक प्रभात फेरी निकाली जाती है.इसी परंपरा के तहत रविवार को निकाली गयी प्रभात फेरी में मौजूद सिख समुदाय के लोगो का स्वागत वृंदावन धाम समिति के निवासियों ने किया .इस अवसर पर मंगलम अपार्टमेंट के निवासियों ने प्रभात फेरी में शामिल संगत की चाय पानी की सेवा की. तत्पश्चात ज्ञानी रविंद्र सिंह,गुरदीप सिंह के द्वारा गुरु तेग बहादुर साहिब की शहादत दिवस को लेकर कीर्तन प्रस्तुत किया गया.इस अवसर पर संस्था द्वारा ज्ञानी सुखपाल सिंह एवं रविन्द्र सिंह को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया.इस मौके पर रानीगंज गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष बलजीत सिंह ने बताया की 4 दिसंबर को शिशु बागान मैदान में सिखों के नौवें गुरु गुरु तेग बहादुर साहिब जी का शहादत दिवस मनाया जाएगा जिसमें भारत के सुप्रसिद्ध कथावाचक एवं हजूरी रागी जत्था शिरकत करेंगे. गुरु की वाणी कीर्तन के माध्यम से सुनाकर संगत को निहाल करेंगे. बलजीत सिंह बग्गा ने कहा कि प्रतिदिन सुबह गुरुद्वारा गुरु घर से सिख संगत पाठ करते हुए पूरे शहर की परिक्रमा करती है.ज्ञानी रबिन्द्र सिंह ने कहा प्रत्येक वर्ष वृंदावन धाम समिति द्वारा इस तरह के स्वागत कार्यक्रम करते आ रही है.संस्था द्वारा दिये गए इस सम्मान के लिए हमलोग आभार प्रकट करते हैं.ज्ञानी सुखपाल सिंह ने कहा कि गुरु तेग बहादुर ने हिंदू धर्म की रक्षा के लिए खुद को कुर्बान कर दिया. जब कश्मीरी पंडितों ने उन्हें बताया कि उन पर मुगल किस प्रकार के अत्याचार कर रहे हैं तो उन्होंने कहा जाओ औरंगजेब को बता दो कि पहले वह मेरा धर्म परिवर्तन कराए इसके बाद ही वह किसी अन्य का धर्म परिवर्तन करा सकता है. वह दिल्ली आए और चांदनी चौक पर उन्होंने खुद को कुर्बान कर दिया. जिन लोगों ने उन्हें मारने का आदेश दिया, वे चले गए, लेकिन लाखों लोगों ने उस व्यक्ति के मार्ग का अनुसरण किया जिसने खुद को कुर्बान किया .इसलिए उन्हें 400वर्ष बाद भी हिंद की चादर के नाम से जाना जाता है.
इस अवसर पर वृंदावन धाम समिति के सचिव उमेश सरायां,सलाहकार प्रोफेसर स्वदेश मजूमदार,सुभाष केजरीवाल,शंकर लाल मूंधड़ा,विश्वनाथ घटक,आदित्य मूंधड़ा, सूंदर सिंह,गुलशन अरोड़ा,टिंकू गोयल,दीपक झुनझुनवाला आदि उपस्थित थे.












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