आसनसोल : ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने विधवा विवाह की जो कानून बनाई थी। उस कानून का मिसाल शुक्रवार को आसनसोल के प्रसिद्ध घाधर बुढ़ी मंदिर में देखने को मिला। जहां एक विधवा का जीवन फिर से हरा भरा और सुखमय हो गया। विधवा का जीवन जी रही महिला सुहागिन हो गई। इस पुण्य कार्य का अंजाम दिया महिला का ससुर चिचुड़िया ग्राम निवासी किशोर चटर्जी ने। जिन्होंने महिला पूजा चटर्जी को अपनी बहू बना कर लाए थे।उन्होंने बेटी बनाकर प्रभात फौजदार नामक युवक से शादी करवा कर विदा किया। इस संदर्भ में किशोर चटर्जी ने बताया कि मेरे एकमात्र बेटे की शादी 2017 में पूजा चटर्जी के साथ हुई थी जिसके बाद पूजा चटर्जी ने एक पुत्री का जन्म दिया लेकिन 2 वर्ष बाद वर्ष 2019 में सांप काटने से मेरे बेटे की मृत्यु हो गई तब से मैं अपनी पोती और बहू को पाल रहा था। लेकिन भरी जवानी में विधवा बहू को देखकर मेरा हृदय द्रवित हो गया। हमारा परिवार शिक्षित परिवार है। हम लोग ईश्वर चंद्र विद्यासागर का अनुसरण कर चलते हैं। उन्होंने विधवा विवाह की कानून बनाई थी। उसका अनुसरण करते हुए मैंने भी पूजा को फिर से वैवाहिक जीवन जीने के लिए उसका शादी कराने का निर्णय लिया। जिसके बाद आज प्रभात फौजदार से पूजा की शादी करवाई। जिस युवक ने पूजा चटर्जी से शादी की उसने कहा कि मैंने पूजा और उसकी पुत्री को सहर्ष स्वीकार किया है।अब आगे आनंद के साथ जीवन बिताएंगे।









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