आसनसोल : निगमीकरण, निजीकरण और एनपीएस के विरोध में भारतीय मजदूर संघ के द्वारा 17 नवंबर को दिल्ली में संसद घेराव करने का कार्यक्रम किया जाएगा।इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सोमवार को धेमोमैन कोलियरी खान श्रमिक कांग्रेस संबद्ध भारतीय मजदूर संघ के द्वारा धेमोमैन कोलयरी पीट पर एक गेट मीटिंग का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में कॉर्पोरेट जेसीसी के सदस्य जैयनाथ चौबे उपस्थित थे। इसके अलावा सोदपुर एरिया कमेटी के अध्यक्ष त्रिवेणी प्रसाद, सचिव दयाचंद नोनिया,कॉर्पोरेट सुरक्षा कमेटी के सदस्य महेंद्र गुप्ता, शाखा अध्यक्ष महेंद्र बेलदार, जेसीसी सदस्य दिनेश नोनिया, सचिव भीम प्रसाद नोनिया, त्रिवेणी साव, मोहम्मद आजाद आदि उपस्थित थे। इस मौके पर जैयनाथ चौबे ने राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता 11 के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इंटक के द्वारा पहले जेबीसीसीआई गठन करने को लेकर बाधा उत्पन्न की गई। अभी अन्य ट्रेड यूनियन वेतन समझौता को लेकर राजनीति कर रहे हैं। उन लोगों के सामने 2024 का चुनाव दिखाई दे रहा है। ताकि चुनाव में भी मोदी के विरोध में बोल सके।मोदी की सरकार चली जाए। इसके लिए वे लोग किसी न किसी बहाने वेतन समझोता को टालना चाह रहे हैं। अभी तक वेतन समझौता कर लेकर 6 बैठक के हो चुकी है। लेकिन कोई निर्णय नहीं आया है। एमजीबी पर भी बात नहीं बनी है। वहीं उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कोल इंडिया को निगमीकरण,निजीकरण कर रही है। जिसका भारतीय मजदूर संघ विरोध करता है। इसलिए भारतीय मजदूर संघ 17 नवंबर को शीतकालीन सत्र के दौरान संसद का घेराव करने का निर्णय लिया है। ताकि सरकार को बाध्य किया जा सके। सरकार अपने निर्णय से पीछे हटे।इसके लिए श्रमिकों की चट्टानी एकता की जरूरत है।


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