आसनसोल : गौ तस्करी मामले में शुक्रवार को एक बार फिर तृणमूल कांग्रेस के बीरभूम जिला के दबंग जिलाध्यक्ष अनुव्रत मंडल को आसनसोल के विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया।
आसनसोल विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश राजेश चक्रवर्ती ने दोनों पक्षों के वकीलों के बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने फिर एक बार अनुव्रत मंडल को 14 दिन की जेल हिरासत में रखने का आदेश दिया।अब इस मामले में अगली सुनवाई 25 नवंबर को होगी। इसके पहले शुक्रवार की सुबह 11:30 बजे पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आसनसोल संशोधनागार से सीबीआई अदालत लाया गया। इस दौरान जब पत्रकारों ने अनुव्रत मंडल से लॉटरी संबंधित प्रश्न किया, तो पहले तो वह कुछ सेकंड के लिए चुप रहे। फिर जब दोबारा प्रश्न पूछा गया तो यह आपा खो बैठे। इसके बाद विशेष सीबीआई कोर्ट में जज राजेश चक्रवर्ती की बेंच में दोपहर 12:30 बजे के बाद अनुव्रत मंडल की जमानत पर सुनवाई शुरू हुई। उनकी ओर से उनके वकील संजय दासगुप्ता ने जमानत के लिए आवेदन किया था। उन्होंने सीबीआई और ईडी की संयुक्त जांच पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सीबीआई जमानत याचिका खारिज करने के लिए यह तर्क दे रहा है कि अनुव्रत मंडल प्रभावशाली व्यक्ति हैं।वे बाहर निकलेंगे तो जांच को प्रभावित कर सकते हैं।लेकिन जब सीबीआई चार्जशीट जमा कर चुकी है। उसमें 400 गवाहों का नाम भी दिया गया है। जब वे प्रभावशाली व्यक्ति रहते, तो इतने लोग गवाही नहीं देते। उन्होंने कहा कि फिर भी न्यायाधीश ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी और 14 दिन के जेल हिरासत में रखने का आदेश दिया। गौरतलब है कि 10 अगस्त को सीबीआई ने गाय तस्करी मामले में अनुव्रत मंडल को गिरफ्तार किया था। तब से वे सीबीआई हिरासत के बाद आसनसोल जेल में बंद है।









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