आसनसोल : आसनसोल लोकसभा उपचुनाव में जीतने के लिए तृणमूल कांग्रेस समाज के सभी वर्गों को साधने का प्रयास कर रही है। पहले तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं, उसके बाद उनके प्रकोष्ठो, फिर बाउरी समाज,आदिवासी समाज अल्पसंख्यक समाज के लोगों को लेकर सभा की गई। तो रविवार को ईसाई और सिख समुदाय के लोगों को साधने के लिए रविवार को रविंद्र भवन ने एक सभा का आयोजन किया गया। जिसने तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी शत्रुघ्न सिन्हा राज्य के कानून मंत्री मलय घटक कुमारपुर चर्च के फादर एवं ईसाई समुदाय के लोग उपस्थित थे। इस मौके पर मंत्री मलय घटक ने कहा कि शत्रुघ्न सिन्हा अपने अभिनय काल से ही मजदूरों गरीबों किसानों के लिए लड़ते आए हैं। आप लोग इनके द्वारा अभिनय किए गए फिल्म काला पत्थर अवश्य देखें। उन्होंने काला पत्थर में कोयला मजदूरों की हक के लिए जो लड़ाई किया है। वह अपने व्यक्तिगत जीवन में भी मजदूरों किसानों छात्रों के लिए आवाज उठाते रहे हैं। आसनसोल एक शिल्पांचल है। यहां भी कोयला खदानें, कारखाना है। जिसे केंद्र की सरकार बेचने पर तुली है। इसे रोकने के लिए शत्रुघ्न सिन्हा जैसे नेता की सांसद में आवश्यकता है। इसलिए शत्रुघ्न सिन्हा को भारी मतों से जीताना आवश्यक है। वही शत्रुघ्न सिन्हा ने संबोधित करते हुए कहा कि वे केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। लेकिन किसी प्रकार के भ्रष्टाचार का दाग उनपर नहीं लगा है।राजनीति में आने की जरूरत ही नहीं था। अच्छा घर था । परिवार अच्छा चल रही थी। पालन पोषण करने के लिए उनके पास पर्याप्त पैसा था। लेकिन जयप्रकाश नारायण से प्रभावित होकर राजनीति में आए। अटल बिहारी वाजपेई के समय भाजपा में शामिल हुए। बाद में भाजपा नेतृत्व में बदलाव होने के बाद भाजपा नेतृत्व में अहंकारी दंभ भर गया। यह लोग समाज विरोधी , जनहित विरोधी फैसला लेने लगे। जिसका उन्होंने विरोध किया। क्योंकि व्यक्ति से बड़ा पार्टी होता है और पार्टी से बड़ा देश होता है।देश से बड़ा कोई नहीं है। इसलिए मैंने भाजपा में रहकर भी भाजपा सरकार की नीतियों का विरोध करने लगा। नोटबंदी के समय ममता जी ने पहले विरोध किया। जिसका मैंने पुरजोर समर्थन किया। वर्तमान परिस्थिति में इस अहंकारी सरकार का घमंड तोड़ने वाले अगर कोई एकमात्र नेत्री हैं। तो जयप्रकाश नारायण के बाद ममता बनर्जी है। वे एक ऐसी नेत्री हैं। जो सादगी के साथ रहते हुए आम जनता ख्याल रखते हुए देश का विकास कर सकती हैं।इसलिए मैंने ममता दीदी के एक आदेश पर आपके बीच चलाया। आप हम मिलकर यदि ठान ले।तो हम लोग अपने मिशन में अवश्य कामयाब होंगे।










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