रानीगंज-केंद्र सरकार की नीति के खिलाफ केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाए गए 28 और 29 मार्च के हड़ताल के प्रथम दिन व्यापक असर देखने को मिला. हड़ताल की वजह से रानीगंज बाजार, बसे, दुकाने और बैंक पूरी तरह से बंद रही.सीटू से सम्बद्ध 12 जुलाई कमेटी के सयोंजक हिरक गांगुली ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा श्रम कोड लागू करने, बेतहाशा मूल्यवृद्धि, सरकारी संस्था को बेसरकारीकरण करने, पेट्रोल डीजल घरेलू गैस, खाने के तेल में बढ़ोतरी, पीएफ के पैसे में गड़बड़ी के खिलाफ 2 दिनों के बंद का आवाहन किया गया है ,जिसका जनता समर्थन कर रही है. उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ जानती है आज यह हड़ताल जनता के हित के लिए ही है हम सभी जोर जबरदस्ती किसी को भी हड़ताल का समर्थन करने को नहीं कह रहे हैं जनता खुद हड़ताल का समर्थन कर रही है. इधर सोमवार सुबह से ही एनएच 60, पंजाबी मोड़ इलाके और रानीगंज बाजार में वाम समर्थक खुली दुकान और बसों को बंद करवाते नजर आए. वहीं दूसरी तरफ बंद के खिलाफ टीएमसी भी मोर्चा खोले हुए थी, कई जगह वाम समर्थक और टीएमसी समर्थकों के बीच खोलने बंद को लेकर जमकर बहस हुई , खबर मिलते ही पुलिस घटनास्थल पहुंची और एसएफआई के गौरव ढल्लों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया हालांकि कुछ देर बाद छोड़ दिया गया. हड़ताल को सफल बनाने के लिए वाम समर्थकों की तरफ से एक रैली रानीगंज के बड़ा बाजार से निकाली गई जो कि पूरे शहर की परिक्रमा की.रानीगंज के पूर्व विद्यायक रुनु दत्ता ने कहा दो दिवसीय हड़ताल का प्रथम दिन हड़ताल सफल रही.मंगलपुर उद्योगिक अंचल के कल कारखाने बन्द रहे, श्रमिको एवं आम लोगो ने खुलकर बन्द का समर्थन किया.रानीगंज नेताजी सुभाष स्टेचू के पास वाहनों के आवागमन के रोकथाम में रानीगंज के पूर्व विधायक रुनू दत्ता, हेमंत प्रभाकर, पूर्व सांसद वंश गोपाल चौधरी, मलय मंडल, शाश्वती मित्रा, सुप्रियो राय, कल्लोल घोष, दिबेन्दु मुखर्जी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे.



0 टिप्पणियाँ