जामुड़िया-जामुड़िया थाना अंतर्गत केन्दा पुलिस चौकी क्षेत्र के कूनुस्तोरिया कोलियरी में शनिवार की रात अपराधियों ने जमकर उत्पात मचाया. लगभग 20-22 सशस्त्र बदमाशों के एक गिरोह ने कोलियरी के पंप हाउस पर धावा बोलकर न केवल लूटपाट की, बल्कि वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों और पंप ऑपरेटर के साथ मारपीट कर उन्हें बंधक बना लिया. इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में भारी तनाव और दहशत का माहौल है.
बंधक बनाकर लूट: आधी रात का खौफ
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात अज्ञात डकैतों का एक बड़ा दल हथियारों के साथ कूनुस्तोरिया कोलियरी के पंप हाउस में दाखिल हुआ. बदमाशों ने वहां मौजूद ऑपरेटर पर हमला कर उसे काबू में किया और रस्सियों से बांध दिया. इसके बाद, बदमाशों ने चालू बिजली लाइन के केबल काट दिए और ट्रांसफार्मर के भीतर से कीमती धातु व अन्य उपकरण निकाल लिए. गिरोह अपने साथ भारी मात्रा में तांबे के मोटे केबल और अन्य मूल्यवान सामग्री भी ले गया. रविवार सुबह जब इस घटना की जानकारी सार्वजनिक हुई, तो पूरे कोलियरी परिसर में सनसनी फैल गई.
निशाने पर ईसीएल, सुरक्षा पर गंभीर सवाल
स्थानीय लोगों और श्रमिकों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि ईसीएल के इलाके अपराधियों के लिए 'सॉफ्ट टारगेट' क्यों बने हुए हैं. केन्दा पुलिस चौकी क्षेत्र में ट्रांसफार्मर लूट की यह पहली वारदात नहीं है.हाल ही में केन्दा शालडांगा पंप हाउस में ऐसी ही लूट हुई थी.इससे पहले चिचुड़िया क्षेत्र में भी ट्रांसफार्मर को निशाना बनाया गया था.तपसी इलाके में भी इस तरह की वारदातें दर्ज की गई हैं.
लगातार हो रही इन घटनाओं ने ईसीएल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है.
घटना के विरोध में विभिन्न श्रमिक संगठन लामबंद हो गए हैं.श्रमिक नेताओं ने इसे सुरक्षा की बड़ी चूक करार देते हुए कहा कि हथियारबंद बदमाशों का इस तरह बेखौफ होकर घुसना चिंताजनक है.उन्होंने आशंका जताई कि इस हमले में ड्यूटी पर तैनात ऑपरेटर की जान भी जा सकती थी.उन्होंनेसंवेदनशील और सुदूर इलाकों में सुरक्षाकर्मियों की संख्या तुरंत बढ़ाये जाने,ईसीएल प्रबंधन और पुलिस द्वारा रात में नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने तथा अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी और भविष्य के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम की मांग किया है.
मामले के संबंध में पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज करा दी गई है. बार-बार हो रही इन लूट को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन अब क्या ठोस कदम उठाता है, इस पर क्षेत्र के ग्रामीणों और श्रमिकों की पैनी नजर है.

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