जामुड़िया- विधानसभा चुनाव 2026 की सरगर्मी के बीच नेशनल कंजरवेटिव पार्टी ने जामुड़िया के निघा स्थित एक निजी होटल में संवाद दाता सम्मेलन कर सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और विधायक हरेराम सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. पार्टी ने स्थानीय युवाओं के रोजगार को अपना मुख्य हथियार बनाया है, लेकिन हिंदीभाषी मतदाताओं से जुड़े सवालों पर नेताओं की 'खामोशी' अब चर्चा का विषय बन गई है.
स्थानीय बनाम बाहरी: रोजगार पर विधायक को घेरा
जामुड़िया की प्रत्याशी रिया मुखर्जी और जिला अध्यक्ष आकाश घटक ने वर्तमान विधायक पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि जामुड़िया एक बड़ा औद्योगिक क्षेत्र और कोल बेल्ट होने के बावजूद यहाँ के स्थानीय युवाओं को नौकरियों में दरकिनार किया जा रहा है. नेताओं ने कहा कि बिहार और गुजरात जैसे राज्यों से लोगों को लाकर यहाँ के उद्योगों में काम दिया जा रहा है, जबकि जामुड़िया के योग्य युवा बेरोजगार घूम रहे हैं. एनसीपी नेताओं का दावा है कि विधायक हरेराम सिंह ने स्थानीय रोजगार सुनिश्चित करने के लिए कभी कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसे पार्टी अब बर्दाश्त नहीं करेगी.
हिंदीभाषी वोट पर 'मौन' ने खड़े किए सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उस वक्त असहज स्थिति पैदा हो गई जब पत्रकारों ने 'बांग्ला पख्खो' जैसे संगठनों के साथ एनसीपी के कथित तालमेल और हिंदीभाषी मतदाताओं की भूमिका पर सवाल पूछा.ज्ञात रहे की जामुड़िया विधानसभा सीट का इतिहास गवाह है कि यहाँ जीत-हार का फैसला काफी हद तक हिंदीभाषी मतदाता ही करते हैं. जब सवाल उठा कि क्या हिंदी भाषियों का विरोध करने वाले संगठनों का साथ लेकर पार्टी जीत हासिल कर पाएगी, तो प्रत्याशी रिया मुखर्जी समेत मंच पर मौजूद सभी नेता चुप्पी साध गए. उनकी यह खामोशी अब जामुड़िया के चुनावी गलियारों में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनती दिख रही है.
जामुड़िया कोल बेल्ट होने के कारण यहाँ हिंदीभाषी वोट निर्णायक भूमिका निभाते हैं.ऐसे में रोजगार के नाम पर बाहरी राज्यों के श्रमिकों का विरोध और हिंदीभाषी समीकरणों पर पार्टी की चुप्पी, एनसीपी के लिए दोधारी तलवार साबित हो सकती है. राजनीतिक पंडितों का मानना है कि यदि एनसीपी हिंदीभाषी मतदाताओं का विश्वास जीतने में नाकाम रही, तो उनके लिए जामुड़िया की राह आसान नहीं होगी.
इस अवसर पर नेशनल कंजरवेटिव पार्टी के जिला अध्यक्ष आकाश घटक, जामुड़िया की प्रत्याशी रिया मुखर्जी और आसनसोल दक्षिण की प्रत्याशी रंजनया हालदार मुख्य रूप से उपस्थित रहीं.


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