जामुड़िया: विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार अभियान के बीच जामुड़िया के पड़शिया ग्राम पंचायत अंतर्गत जोट जानकी आदिवासी पाड़ा में मंगलवार को भारी तनाव और विरोध देखने को मिला. इलाके की महिलाओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं को झंडे लगाने से रोक दिया और जमकर नारेबाजी की. हालांकि, बाद में भाजपा प्रत्याशी बिजन मुखर्जी के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ.
"वोट के बाद कोई नहीं पूछता": ग्रामीणों का आक्रोश
मंगलवार सुबह जब भाजपा कार्यकर्ता प्रचार की तैयारी के लिए जोट जानकी आदिवासी पाड़ा में झंडे और बैनर लगाने पहुंचे, तो स्थानीय महिलाओं ने उन्हें घेर लिया.महिलाओं का आरोप है कि हर चुनाव में नेता बड़े-बड़े वादे करके वोट ले जाते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद कोई भी उनकी बुनियादी समस्याओं की सुध नहीं लेता.
ग्रामीण महिलाओं ने दोटूक कहा कि उन्होंने फैसला किया है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, वे किसी भी पार्टी के उम्मीदवार को इलाके में प्रचार नहीं करने देंगी
प्रत्याशी बिजन मुखर्जी के पहुंचने पर सुलझा मामला
विरोध की खबर मिलते ही भाजपा प्रत्याशी बिजन मुखर्जी खुद मौके पर पहुंचे. उन्होंने नाराज महिलाओं और ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना.बिजन मुखर्जी के आश्वासन और समझाने-बुझाने के बाद इलाके का माहौल शांत हुआ, जिसके बाद पार्टी ने अपना चुनाव प्रचार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न किया.
इस घटनाक्रम पर जामुड़िया मंडल-2 के भाजपा अध्यक्ष राहुल बाउरी ने कहा कीजनता में पुरानी सरकारों और जनप्रतिनिधियों के प्रति आक्रोश हो सकता है. हमारी पार्टी लोगों से निरंतर बातचीत कर रही है . हम स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने और जनता का विश्वास जीतने का प्रयास करेंगे.
बढ़ता जन-आक्रोश राजनीतिक दलों के लिए चुनौती
जोट जानकी की यह घटना जामुड़िया के चुनावी रण में एक नया मोड़ दे रही है. जिस तरह से ग्रामीण इलाकों में महिलाएं सीधे तौर पर नेताओं को चुनौती दे रही हैं, उससे स्पष्ट है कि इस बार मतदाता केवल वादों से संतुष्ट होने वाले नहीं हैं.

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