दक्षिण 24 परगना (पीबी टीवी) : पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के कृष्णमोहन बाईपास पर पुलिस ने एक फिल्मी अंदाज में ड्रग तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। एक दिव्यांग व्यक्ति ने अपने नकली पैर (Artificial Leg) को अपराध का ढाल बनाया था, लेकिन बरुईपुर पुलिस की सतर्कता से 3 करोड़ 60 लाख रुपये मूल्य की हेरोइन बरामद की गई है। बरुईपुर थाने की स्पेशल टीम और SOG (Special Operations Group) को पहले से ही इस तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी। बुधवार की देर रात पुलिस ने बाईपास पर जाल बिछाया। तभी एक तेज रफ्तार बाइक आती दिखी, जिसे अमीनुल गाजी चला रहा था और उसके पीछे मसूद अली बैठा था। पुलिस ने जब बाइक को रोका, तो मसूद अली ने अपनी दिव्यांगता का फायदा उठाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। एक हादसे में अपना दाहिना पैर गंवा चुका मसूद नकली पैर का इस्तेमाल करता था। पुलिस की सघन तलाशी में जो सामने आया वह चौंकाने वाला था:
मसूद के उसी नकली पैर के भीतर से 1 किलो 800 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत लगभग 3 करोड़ 60 लाख रुपये आंकी गई है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि मसूद और अमीनुल केवल 'डिलीवरी मैन' हैं। पुलिस अब इस गिरोह के मुख्य सरगना और ड्रग्स के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। मसूद अपनी शारीरिक स्थिति का इस्तेमाल सहानुभूति बटोरने और पुलिस की जांच से बचने के लिए करता था, ताकि किसी को शक न हो कि एक दिव्यांग व्यक्ति इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की तस्करी कर सकता है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आज उन्हें अलीपुर अदालत में पेश किया जाएगा।
पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का सुराग मिल सकता है। बरुईपुर बाईपास इलाके में इस घटना के बाद सुरक्षा और नाका चेकिंग और कड़ी कर दी गई है।


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