नयाग्राम, 2 अक्टूबर: पैर में संक्रमण के कारण पिछले कई दिनों से लंगड़ाकर चल रहे एक दलछुट दंतैल हाथी का आखिरकार शुक्रवार सुबह झाड़ग्राम जिले के नयाग्राम ब्लॉक के केशररेखा रेंज कार्यालय के पास वन विभाग ने उपचार शुरू किया। हाथी को केले और आलू के अंदर दवाइयां रखकर खिलाई जा रही हैं।
वन विभाग और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह दलछुट हाथी पिछले कुछ दिनों से केशररेखा रेंज से सटे जंगल में अकेला घूम रहा था। उसके पैर के घुटने के पास संक्रमण हो गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, वहां फोड़े जैसी चोट भी बन गई थी। दर्द के कारण हाथी को चलने में परेशानी हो रही थी। राहगीरों को देखकर वह अपना पैर उठाकर दिखाता था। हालांकि, बीमारी के कारण उसने किसी का पीछा नहीं किया और न ही इलाके में किसी तरह का उत्पात मचाया।
हाथी की आवाजाही को लेकर वन विभाग के सामने परेशानी थी, क्योंकि वह बीच-बीच में सीमा पार कर ओडिशा के जंगल में चला जाता था। ऐसे में उसका नियमित उपचार शुरू करना संभव नहीं हो पा रहा था।
शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे वन विभाग के कर्मचारियों ने केशररेखा रेंज कार्यालय के पास हाथी को देखा। सूचना मिलने पर नयाग्राम के पशु चिकित्सक शुभेंदु पोद्दार भी मौके पर पहुंचे। हाथी के बेहद करीब जाकर सीधे इंजेक्शन देना जोखिमपूर्ण होने के कारण भोजन के जरिए उपचार शुरू करने का फैसला किया गया। केले, आलू सहित अन्य खाद्य पदार्थों के अंदर आवश्यक एंटीबायोटिक और दर्द निवारक दवाएं रखकर हाथी को खिलाई गईं।
केशररेखा रेंज के रेंजर अनिश मंडल ने बताया कि हाथी के पैर का संक्रमण बहुत गंभीर नहीं है। पशु चिकित्सक की सलाह के अनुसार भोजन के जरिए नियमित रूप से दवाएं दी जा रही हैं। वनकर्मी हाथी की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहे हैं। वन विभाग को उम्मीद है कि जल्द ही हाथी पूरी तरह स्वस्थ हो जाएगा।

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