स्पोर्ट्स असेंबली में ओपन रैपिड चेस प्रतियोगिता, 6 साल के बच्चे से लेकर 60 साल तक के प्रतिभागी हुए शामिल
रानीगंज : मोबाइल और टीवी की दुनिया में व्यस्त बच्चों को पारंपरिक खेलों से जोड़ने तथा मानसिक क्षमता के विकास के उद्देश्य से रानीगंज स्पोर्ट्स असेंबली सभागार में ओपन रैपिड चेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. प्रतियोगिता में राज्य के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे कुल 135 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. रानीगंज थाना के आईसी पार्थो घोष ने प्रतियोगिता का उद्घाटन किया.
इस प्रतियोगिता के प्रोजेक्ट चेयरमैन अरुण भरतिया ने कहा कि क्लब का उद्देश्य हर उम्र के लोगों को खेलों से जोड़ना है. इसी कड़ी में चेस प्रतियोगिता आयोजित की गयी. उन्होंने कहा कि शतरंज बच्चों और बड़ों की सोचने-समझने की क्षमता को विकसित करता है.इस बार विभिन्न श्रेणियों में कैश प्राइज, ट्रॉफी और मेडल रखे गये हैं.उन्होंने कहा कि इस बार 135 प्रतिभागी हैं और भविष्य में इसे और बड़ा करते हुए 270 प्रतिभागियों तक पहुंचाने का लक्ष्य है.
क्लब के सचिव श्रवण कनोडिया ने कहा कि शतरंज बच्चों के मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. हर बच्चे को शतरंज खेलना चाहिए. प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना भी विकसित होती है. उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को शतरंज सहित अन्य खेलों से जोड़ने की अपील की.
अध्यक्ष सौरभ खेतान ने बताया कि प्रतियोगिता में क्लब के 25-30 सदस्यों के अलावा कोलकाता, हावड़ा, धनबाद सहित आसपास के क्षेत्रों से प्रतिभागी पहुंचे हैं. प्रतियोगिता की खासियत यह है कि छह साल का बच्चा भी 60 साल के व्यक्ति को मात दे सकता है. इस बार 120 प्रतिभागियों का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अनुरोध बढ़ने पर संख्या 135 कर दी गयी.उन्होंने बताया कि करीब 70-75 प्रतिशत प्रतिभागी बच्चे हैं.
उन्होंने कहा कि बच्चों को मोबाइल और टीवी से दूर रखने में खेल महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. स्पोर्ट्स असेंबली में चेस, बैडमिंटन और टेबल टेनिस की कोचिंग भी उपलब्ध है.कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष सतीश बगड़िया, स्मिथ झुनझुनवाला, सदस्य सैकत श्राफ समेत अन्य उपस्थित थे.



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