झूलन उत्सव में दिखेगा कुरुक्षेत्र का युद्ध और श्रीकृष्ण का गीता उपदेश



रानीगंज- भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दिव्य प्रेम तथा बाल लीलाओं की स्मृति में सावन मास में मनाये जाने वाले झूलन उत्सव का चार दिवसीय आयोजन सोमवार से रानीगंज के सीताराम जी भवन में शुरू हुआ. इस अवसर पर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है. इस बार झूलन उत्सव की सजावट में कुरुक्षेत्र के मैदान में हुए महाभारत युद्ध और भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिये गये गीता के उपदेश को विशेष रूप से दर्शाया गया है. वहीं, मुख्य द्वार पर महाराणा प्रताप के बलिदानी अश्व चेतक की प्रतिकृति आकर्षण का केंद्र बनी हुई है.


श्री सीताराम जी मंदिर कमेटी के सचिव प्रदीप सरायां ने बताया कि इस वर्ष आयोजन को विशेष रूप देने के लिए धार्मिक और ऐतिहासिक प्रसंगों को सजावट के माध्यम से जीवंत किया गया है. मंदिर कमेटी के अध्यक्ष विमल बाजोरिया ने बताया कि झूलन उत्सव 24 से 28 अगस्त तक चलेगा. उन्होंने कहा कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, परंपरा और धार्मिक उत्सवों से परिचित कराना है.उन्होंने रानीगंजवासियों से अधिक से अधिक संख्या में मंदिर परिसर पहुंचकर उत्सव में शामिल होने की अपील की.



उन्होंने बताया कि मान्यता के अनुसार सावन के महीने में भगवान श्रीकृष्ण गोपियों के साथ झूला झूलते थे. इसी परंपरा से झूलन उत्सव की शुरुआत हुई. आज की पीढ़ी धीरे-धीरे पारंपरिक उत्सवों से दूर होती जा रही है, ऐसे में इस आयोजन के माध्यम से बच्चों और युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.



मंदिर कमेटी के कोषाध्यक्ष ललित झुनझुनवाला ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि बचपन में वह अपने साथियों के साथ झूलन उत्सव मनाते थे.उस समय शहर के अधिकांश घरों के बच्चे लकड़ी की भूसी को रंग-बिरंगे रंगों से सजाकर विभिन्न आकृतियां बनाते और उन पर तरह-तरह के खिलौने सजाते थे उन्होंने कहा कि बदलते समय में ऐसी परंपराएं पीछे छूटती जा रही हैं.इसी कारण बच्चों को धर्म, संस्कृति और त्योहारों से जोड़ने के उद्देश्य से झूलन उत्सव का आयोजन किया गया है.



वहीं, मंदिर परिसर में पहुंचीं श्रद्धालु संचिता बनर्जी ने कहा कि जो लोग झूलन उत्सव के अवसर पर वृंदावन धाम नहीं जा सकते, उन्हें रानीगंज के सीताराम जी मंदिर में जरूर आना चाहिए.यहां उत्सव के दौरान ऐसा अलौकिक वातावरण तैयार किया गया है, जिसे देखकर मन को अपार शांति मिलती है.उन्होंने लोगों से चार दिवसीय उत्सव के दौरान एक बार मंदिर परिसर पहुंचकर झूलन उत्सव का आनंद लेने की अपील की.

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

 रानीगंज: शिशु बागान मोड़ के पास बड़ी चोरी, घर की छत पर थी मालकिन और नीचे से 35 लाख के जेवर पार
 रातोंरात गायब हुई राहुल सांकृत्यायन की प्रतिमा, रानीगंज में सियासी घमासान तेज
 जामुड़िया में ईडी का बड़ा धमाका: रानीगंज के हार्डवेयर व्यवसायी राजेश बंसल के घर छापेमारी, नोट गिनने की मशीन मंगवाई गई
 रानीगंज के "मिट्टी के लाल" गोपाल आचार्य ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भरा पर्चा
 रेड लाइट एरिया लच्छीपुर में अय्याशी पड़ी भारी, मारपीट कर रुपये छीनने का आरोप
 रानीगंज के व्यापारी युवक के अपहरण का ड्रामा, पति स्वयं भाग गया था घर से
 रानीगंज के प्रसिद्ध 'शंभू कचौड़ी वाले' की सड़क हादसे में मौत, इलाके में शोक की लहर
 चार्टेड एकॉउंटेंट अजय कुमार बगड़िया के नेतृत्व में आध्यात्मिक एवं स्ट्रेस मैनेजमेंट यात्रा का आयोजन
 रानीगंज मंडल-1 भाजपा समिति भंग, दो नेता पदमुक्त; कोर कमेटी गठित
 पश्चिम बंग प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन की महासभा को लेकर उठा विवाद: आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर