रानीगंज- सावन मास की पावन बेला में रानीगंज स्थित श्री सीताराम जी मंदिर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा. गुरुवार को श्री सीताराम जी मंदिर कमेटी की ओर से आयोजित सामूहिक पार्थिव शिव परिवार पूजन एवं रुद्राभिषेक में 31 दंपतियों ने पूरे श्रद्धा भाव के साथ भाग लिया. मंदिर परिसर में सुबह से ही 'हर-हर महादेव' और वैदिक मंत्रोच्चार की गूंज सुनाई देती रही.
आचार्य लक्ष्मण शास्त्री के सानिध्य में पंडितों ने विधि-विधान से रुद्राभिषेक संपन्न कराया. गंगा की पवित्र मिट्टी से 31 पार्थिव शिव परिवार का निर्माण किया गया, जिनका दूध, दही, शहद, गन्ने के रस, घी और गंगाजल सहित विभिन्न पूजन सामग्रियों से अभिषेक किया गया. धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया.
मंदिर कमेटी के अध्यक्ष विमल बाजोरिया, कोषाध्यक्ष ललित झुनझुनवाला तथा सचिव प्रदीप सराफ ने बताया कि सीताराम जी मंदिर में पिछले करीब आठ वर्षों से सावन माह में पार्थिव शिव पूजन का आयोजन लगातार किया जा रहा है. इस वर्ष भी कोलकाता के कुम्हारटोली से आए कारीगर गंगा की मिट्टी लाकर शिव परिवार की प्रतिमाएं तैयार करने पहुंचे थे.
आचार्य लक्ष्मण पंडित ने पार्थिव पूजन का महत्व बताते हुए कहा कि शास्त्रों के अनुसार गंगा की मिट्टी से निर्मित शिवलिंग एवं शिव परिवार की पूजा-अर्चना का फल सौ यज्ञों के समान माना गया है. वहीं राजेश जिंदल ने कहा कि पौराणिक मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने रामेश्वरम में स्वयं मिट्टी का शिवलिंग बनाकर महादेव की आराधना की थी, उसी परंपरा के निर्वहन के रूप में सावन में पार्थिव पूजन का विशेष महत्व है.
पूजा-अर्चना के उपरांत पार्थिव शिव परिवार की प्रतिमाओं का विसर्जन दामोदर नदी में किया जाएगा. वहीं अभिषेक के पवित्र जल को मंदिर परिसर में बने विशेष स्थान पर धरती में समाहित करने की व्यवस्था की गई है, ताकि उसकी पवित्रता अक्षुण्ण बनी रहे. आयोजन को सफल बनाने में मंदिर कमेटी के सदस्यों और श्रद्धालुओं का सराहनीय योगदान रहा.



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