रानीगंज: कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम ढहने की दर्दनाक घटना के बाद रानीगंज के श्रमिक नवीन सिंह(40) के लापता होने से उनके परिवार और पूरे इलाके में चिंता का माहौल है. आशंका जताई जा रही है कि हादसे के समय साइट पर काम कर रहे वेल्डर नवीन सिंह मलबे के नीचे दब गए हैं. राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनका कोई पता नहीं चल पाया था।


घटना की सूचना मिलते ही नवीन सिंह की पत्नी नेहा देवी और उनका बड़ा बेटा प्रिंस सिंह कोलकाता के लिए रवाना हो गए. वहीं, बिहार के मुंगेर जिले के घरारा गांव निवासी नवीन के 70 वर्षीय पिता ज्वार सिंह भी रानीगंज पहुंच गए हैं और बेटे के सकुशल लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं.



रानीगंज के लायक बांध तीन नंबर धौड़ा स्थित अपने घर पर मौजूद नवीन सिंह की बेटी कोमल कुमारी ने बताया कि हादसे से पहले सुबह करीब 10 बजे उनकी मां की अंतिम बार उनके पिता से फोन पर बात हुई थी. उस समय नवीन ने कहा था कि वह काम में व्यस्त हैं और बाद में बात करेंगे.इसके कुछ ही समय बाद गोदाम ढहने की खबर मिली और तब से उनका कोई संपर्क नहीं हो पाया है.



कोमल ने बताया कि उनके पिता परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं. परिवार में उनकी मां, एक बड़ा भाई, एक छोटा भाई और वह स्वयं हैं. उसने बताया कि उनके पिता बाहर रहकर मेहनत-मजदूरी करते थे और परिवार का पूरा खर्च उठाते थे. अब उनके लापता होने से परिवार गहरे संकट में पड़ गया है.



नवीन सिंह के रिश्तेदार जग्गू सिंह ने बताया कि नवीन वर्षों से निर्माण कार्य से जुड़े हुए थे और काम के सिलसिले में कोलकाता, गुजरात, उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में जाते रहते थे.हादसे वाले दिन भी उन्होंने अपनी पत्नी से बात कर जल्द ही घर पैसे भेजने की बात कही थी. लेकिन कुछ घंटों बाद ही दुर्घटना की खबर आ गई.


परिजनों के अनुसार, नवीन सिंह के हाथ पर उनके नाम का टैटू बना हुआ है, जिससे उनकी पहचान करने में मदद मिल सकती है. हादसे के बाद से परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है. पूरे इलाके के लोग नवीन सिंह के सुरक्षित मिलने की कामना कर रहे हैं और राहत-बचाव अभियान पर नजर बनाए हुए हैं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस दुर्घटना ने नवीन सिंह के परिवार पर मानो दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है.