बांकुड़ा: बांकुड़ा शहर में बढ़ती नशीले पदार्थों की बिक्री और अवैध चोलाई (कच्ची) शराब के कारोबार के खिलाफ अखिल भारतीय परिचायिका समिति ने आवाज बुलंद की है। सोमवार को संगठन की ओर से बांकुड़ा एक्साइज (आबकारी) विभाग को एक ज्ञापन सौंपा गया।
संगठन का आरोप है कि शहर के विभिन्न इलाकों में खुलेआम नशीले पदार्थों और अवैध चोलाई शराब का कारोबार चल रहा है। इसके कारण युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में जा रही है और सामाजिक वातावरण लगातार बिगड़ता जा रहा है।
समिति के सदस्यों का दावा है कि केवल शहर के बाहरी क्षेत्रों में ही नहीं, बल्कि जिलाधिकारी कार्यालय के आसपास भी धड़ल्ले से शराब बेची जा रही है। कई स्थानों पर अवैध रूप से शराब की महफिलें सज रही हैं, जो प्रशासन की नजरों से ओझल हैं। इसके अलावा विभिन्न प्रकार के नशीले पदार्थ भी आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों में भी नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है। इस पर संगठन ने गहरी चिंता व्यक्त की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के सदस्यों ने अवैध शराब और नशीले पदार्थों के इस कारोबार को तत्काल बंद कराने की मांग की तथा प्रशासन से इस पर सख्त कार्रवाई करने का अनुरोध किया। उनका कहना था कि समाज को नशामुक्त बनाने के लिए प्रशासन, पुलिस और आम जनता को मिलकर काम करना होगा। यदि इस अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले समय में स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
अखिल भारतीय परिचायिका समिति ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाता, तो संगठन भविष्य में व्यापक आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होगा। संगठन की इस पहल का समर्थन करते हुए कई स्थानीय लोगों ने भी नशे और अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

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