कोलकाता: अवैध निर्माण और कागजी हेरफेर के आरोपों को लेकर उत्तर कोलकाता का बेलेघाटा इलाका सोमवार को सुलग उठा। आरोप है कि सोमवार दोपहर स्थानीय निवासियों ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के करीबी माने जाने वाले एक प्रभावशाली प्रमोटर राजू नस्कर के करीबी सहयोगी को उसके दफ्तर के बाहर ही घेर लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। इस घटना से पूरे इलाके में भारी तनाव फैल गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बेलेघाटा थाने की एक बड़ी पुलिस टीम को तुरंत मौके पर पहुंचना पड़ा।
बिना वैध कागजातों के निर्माण का आरोप
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्रमोटर राजू नस्कर की देखरेख में इलाके में जो भी बहुमंजिला इमारतें और आवासीय परिसर बनाए गए हैं, उनमें से कई के पास सही म्यूटेशन और रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज नहीं हैं। खरीदारों और स्थानीय लोगों के एक वर्ग का दावा है कि बिना वैध कागजातों के ही फ्लैट बेचे गए हैं। इसी धोखाधड़ी को लेकर लोगों का गुस्सा सोमवार दोपहर तब फूट पड़ा, जब राजू नस्कर के दफ्तर के बाहर उसका एक सहयोगी अकेला मिल गया। गुस्साए लोगों ने उस पर धावा बोल दिया और उसकी धुनाई कर दी। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उस व्यक्ति को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला।
नगर निगम का डिमोलिशन नोटिस और ढहाने की चेतावनी
कोलकाता नगर निगम (KMC) के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राजू नस्कर के इन सभी विवादित निर्माणों के खिलाफ पहले ही सख्त कदम उठाए जा चुके हैं। नगर निगम की ओर से उन सभी बहुमंजिला इमारतों के स्वीकृत बिल्डिंग प्लान (Sanctioned Plan) और जरूरी वैध दस्तावेज जमा करने का निर्देश देते हुए एक औपचारिक नोटिस भेजा गया है। सूत्रों के मुताबिक, यदि तय समय के भीतर सही और वैध दस्तावेज जमा नहीं किए गए, तो उन अवैध निर्माणों को पूरी तरह से ढहाने (Demolition) की अंतिम चेतावनी भी नगर निगम द्वारा दी गई है। इस घटना के बाद से एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है और प्रमोटर राजू नस्कर का पक्ष जानने की कोशिश की जा रही है।

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