विश्वविख्यात मूर्तिकार एवं चित्रकार तथा बांकुड़ा के गौरव रामकिंकर बैज की जयंती के अवसर पर ‘रामकिंकर बैज स्मृति रक्षा समिति’ की ओर से पूरे दिन विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सोमवार को संगठन की पहल पर वर्तमान पीढ़ी में कला संस्कृति के विकास के उद्देश्य से बांकुड़ा शहर के योगीपाड़ा स्थित एक निजी लॉज में “बैठो और चित्र बनाओ” प्रतियोगिता आयोजित की गई।

आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता को क, ख और ग — इन तीन वर्गों में विभाजित किया गया था, जिसमें करीब 300 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।



गौरतलब है कि 25 मई 1906 को बांकुड़ा शहर के योगीपाड़ा में एक गरीब परिवार में रामकिंकर बैज का जन्म हुआ था। बचपन से ही उनकी रुचि मूर्तिकला में थी। बाद में बांकुड़ा के निवासी एवं विश्वप्रसिद्ध पत्रकार रामानंद चट्टोपाध्याय के सहयोग से वे गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर के शांतिनिकेतन पहुंचे, जहां उन्होंने कला भवन में महान कलाकार नंदलाल बोस के शिष्य के रूप में प्रवेश लिया। आगे चलकर वे वहीं शिक्षक के रूप में भी कार्यरत रहे।



रामकिंकर बैज स्मृति रक्षा समिति के सचिव अरूप दत्ता ने कहा कि बांकुड़ा की धरती पर रामकिंकर बैज और रामानंद चट्टोपाध्याय जैसे महान व्यक्तित्वों का जन्म हुआ था। आने वाली पीढ़ी तक उनकी विरासत और योगदान को पहुंचाना ही समिति का मुख्य उद्देश्य है। साथ ही उन्होंने इन दोनों महान विभूतियों के जन्मस्थलों के उचित संरक्षण तथा उनकी जयंती को सरकारी स्तर पर मनाने की मांग भी की।