रानीगंज-रानीगंज थाना पुलिस ने करीब सात महीने पहले हुए सनसनीखेज गोलीकांड के मुख्य आरोपी चंदन कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. मनी ट्रांसफर और रुपयों के संदिग्ध लेन-देन से जुड़े इस मामले में आरोपी लंबे समय से फरार था. पुलिस ने उसे रानीगंज के रामबागान इलाके स्तिथ एक घर से एक गुप्त सूचना के आधार पर धर दबोचा.
क्या है पूरा मामला?
घटना 14 जून 2025 की दोपहर करीब 2 बजे की है. कुल्टी थाना क्षेत्र के नियामतपुर निवासी सौरव बाउरी को उसके परिचित चंदन कुमार ने रानीगंज के बरदही स्थित सरकारी कुएं के पास एक बैठक के लिए बुलाया था.बताया जा रहा है कि दोनों के बीच मनी ट्रांसफर व्यवसाय को लेकर पुराना लेन-देन चल रहा था.
आरोप है कि वहां चंदन ने अपने सहयोगियों लिचू रुइदास, टोटन उर्फ समसुद्दीन, बेलू उर्फ अमित भगत और कीर्तिबास रुइदास के साथ मिलकर पहले सौरव से 10 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवाए. इसके बाद विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने सौरव को बंधक बना लिया. चंदन ने सौरव के माथे पर पिस्तौल तान दी और जान से मारने की नीयत से गोली चलाई, जो सौरव के दाहिने हाथ की हथेली में जा लगी.
दहशत का माहौल और कार की छिनैती
वारदात के बाद आरोपी घायल सौरव की वर्ना कार भी अपने साथ लेकर फरार हो गए थे. गंभीर हालत में सौरव को आसनसोल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था.इस घटना के बाद इलाके में काफी तनाव फैल गया था और बाउरी समाज ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और जुलूस भी निकाला था.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद से ही चंदन कुमार और उसके साथी गिरफ्तारी से बचने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में शरण लिए हुए थे. हाल ही में उसके इलाके में वापस आने की भनक पुलिस को लगी, जिसके बाद रानीगंज थाना प्रभारी विकास दत्ता के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया.
रानीगंज थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस (BNS) 2023 की गंभीर धाराओं और आर्म्स एक्ट (25/27) के तहत मामला दर्ज किया था, पुलिस ने आरोपी को 10 दिनों की रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय में आवेदन किया है.
पुलिस की जांच के मुख्य बिंदु में वारदात में इस्तेमाल हुए हथियारों की बरामदगी,फरार साथियों (लिचू, टोटन, बेलू और कीर्तिबास) का ठिकाना ढूंढ रही है.बस्ती इलाके में चल रहे रुपये के कथित अवैध लेन-देन और मनी ट्रांसफर व्यवसाय की वैधता की साथ मुख्य आरोपी से पूछताछ कर रहे हैं ताकि इस पूरे नेटवर्क और अवैध हथियारों के स्रोत का पता लगाया जा सके. बाकी आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है.


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