बांकुड़ा- राज्य में मनरेगा का काम पिछले लगभग चार वर्षों से बंद रहने के विरोध में 10 दिसंबर को 'मनरेगा संघर्ष मोर्चा' (10 खेतमजदूर संगठनों का संयुक्त मंच) के आह्वान पर बांकुड़ा में विष्णुपुर–दुर्गापुर राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर जोरदार प्रदर्शन किया गया। केरानी बांध स्थित राजमार्ग पर तीन सौ से अधिक कृषि मज़दूरों ने सड़क अवरोध कर केंद्र और राज्य सरकार के ख़िलाफ़ आवाज़ बुलंद की। कृषि मज़दूर नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार ने "भ्रष्टाचार" का बहाना बनाकर 100 दिनों का काम बंद कर रखा है। कलकत्ता हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों ने मनरेगा का काम तुरंत बहाल करने का निर्देश दिया था, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे लागू नहीं किया। राज्य सरकार की 'करमश्री' योजना के तहत 50 दिनों का काम देने का आश्वासन भी अब तक स्पष्ट रूप से शुरू नहीं हो पाया है।
प्रदर्शनकारियों ने ज़ोरदार नारे लगाए की “केंद्र–राज्य की राजनीति नहीं, हमें काम चाहिए—काम दो!” और “कोर्ट के आदेश का पालन करो, तुरंत 100 दिनों का काम शुरू करो!”
राजभवन अभियान और व्यापक आंदोलन की चेतावनी
मनरेगा संघर्ष मोर्चा ने घोषणा की है कि 100 दिनों के काम की बहाली की मांग को लेकर 23 दिसंबर को हज़ारों कृषि मज़दूर राजभवन अभियान (घेराव) करेंगे।
मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि इसके बाद भी काम शुरू नहीं हुआ, तो नए साल की शुरुआत में रेल मार्ग से लेकर केंद्रीय कार्यालयों तक व्यापक अवरोध आंदोलन चलाया जाएगा।


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