बांकुड़ा — बांकुड़ा-1 और छातना प्रखंड के कई गांवों के परेशान ग्रामीणों ने मक्खी के प्रकोप के विरोध में सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग 60 को जाम कर दिया. ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में चल रही निजी हैचरियों के अधिकारियों ने मक्खी की समस्या के समाधान के लिए किए गए वादों को पूरा नहीं किया है, जिसके कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
काशीबेड़िया, पोरियाशोल, तेघरी, दलदली, जगन्नाथपुर, घोरगरिया सहित कम से कम 15 गांवों के लोग मक्खी के गंभीर प्रकोप से जूझ रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि 21 मई के बाद से मक्खी का उपद्रव फिर से बढ़ गया है.यह समस्या इतनी विकराल हो गई है कि लोगों को खाना खाने और यहां तक कि रोजमर्रा के काम करने में भी कठिनाई हो रही है. ग्रामीणों ने इस स्थिति के लिए इलाके में संचालित तीन निजी हैचरियों को जिम्मेदार ठहराया है.
नाकेबंदी से घंटों फंसे रहे वाहन
सोमवार सुबह बांकुड़ा-1 और छातना प्रखंड के बीच काशीबेड़िया में की गई इस नाकेबंदी के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग 60 पर यात्रियों और मालवाहक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. कई घंटों तक वाहनों का आवागमन ठप्प रहा, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा हुई.सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से बातचीत की.
वादाखिलाफी का आरोप और ग्रामीणों की मांग
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हैचरी अधिकारियों ने पहले समस्या के समाधान के लिए कदम उठाने का वादा किया था, लेकिन उन्होंने कुछ भी नहीं किया. ग्रामीणों का सवाल है, "अब अगर इन मक्खियों के कारण कोई बीमार हो जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?" वे तत्काल इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं और चाहते हैं कि हैचरी अधिकारी अपने वादों का पालन करें.
यह देखना बाकी है कि पुलिस और प्रशासन इस गंभीर समस्या को हल करने और ग्रामीणों की शिकायतों का समाधान करने के लिए क्या कदम उठाते हैं.










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