स्थानीय लोगों ने पहाड़ के पूर्वी हिस्से में आग से उठते घने धुएं को देखा. सूचना मिलते ही छतना वन विभाग की टीम आग बुझाने के लिए मौके पर पहुंची। दिन चढ़ने के साथ ही आग ने पहाड़ के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया. रात होते-होते आग की लपटें और तेज हो गईं.
वन विभाग की टीम ने अथक प्रयास करते हुए पहाड़ की चोटी तक पहुंचकर आग बुझाने की कोशिश की. लेकिन तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैलती रही, जिससे वनकर्मियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा.
24 घंटे तक लगातार मशक्कत करने के बाद, वन विभाग के कर्मचारियों ने आग पर काबू पा लिया. वन विभाग के कर्मचारियों ने फायर ब्लोअर की सहायता से आग बुझाने का प्रयास किया.
बांकुरा नॉर्थ फॉरेस्ट डिविजन के डीएफओ प्रदीप बाउरी ने बताया, "आग पर काबू पा लिया गया है. हमें उम्मीद है कि सुबह तक आग पूरी तरह से बुझ जाएगी. 40 से अधिक लोग पहाड़ पर आग बुझाने के काम में लगे हुए थे."
आग से शुशुनिया की पहाड़ियों पर काफी नुकसान हुआ है.पलाश के फूल जलकर राख हो गए हैं और वनस्पति को भी काफी क्षति पहुंची है. वन विभाग नुकसान का आकलन कर रहा है.
आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है. वन विभाग मामले की जांच कर रहा है.

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