कोलकाता (पीबी टीवी)  कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में प्रशिक्षु महिला चिकित्सक से दुष्कर्म हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने  अगले साल 17 मार्च 2025 सुनवाई करने का निर्णय लिया है. इसको लेकर आरजी कर पीड़िता के माता-पिता ने काफी हताशा और निराशा जताई है. उन्होंने सीबीआई जांच पर भी निराशा व्यक्त की है. उन्होंने कहा इतने समय  के बाद भी अभी तक मामले में इंसाफ नहीं हुआ है. सुप्रीम कोर्ट से काफी उम्मीद थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने स्वत संज्ञान लेने के बाद जिस तरह से इस मामले को 4 महीने के लिए डाल दिया है उसे हम लोग काफी हताश और निराश है. मामले में इतनी देरी अच्छा नहीं है. इस मामले में हम लोग कानूनी राय लेंगे। साथ ही उन्होंने सीबीआई जांच को लेकर भी सवाल खड़े किये। उन्होंने कहा कि इस मामले में जांच में काफी समय लग रहा है. आपको बता दे कि कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में ट्रेनी महिला डॉक्टर से रेप और हत्या के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई. अदालत ने पक्षों को निर्देश दिया कि वे लिंग आधारित हिंसा की रोकथाम और अस्पतालों में डॉक्टरों और चिकित्सा पेशेवरों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार करने के संबंध में उसके (शीर्ष अदालत) द्वारा गठित राष्ट्रीय कार्य बल (एनटीएफ) के साथ अपनी सिफारिशें और सुझाव साझा करें। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने कहा कि एनटीएफ मंगलवार से 12 सप्ताह के भीतर विचार के लिए अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। यह महत्वपूर्ण है कि शीर्ष अदालत ने आरजी टैक्स मामले के मद्देनजर चिकित्सा पेशेवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक प्रोटोकॉल तैयार करने के लिए 20 अगस्त को एनटीएफ का गठन किया था। मुख्य न्यायाधीश ने मंगलवार को स्वसंज्ञान मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि अगली सुनवाई 17 मार्च 2025 से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी. लेकिन, उन्होंने सुझाव दिया कि अगर बलात्कार और हत्या मामले की सुनवाई में देरी हो तो पक्षकार पहले सुनवाई का अनुरोध कर सकते हैं. अदालत ने एम्स से विरोध प्रदर्शन के दौरान सेवा से अनुपस्थित रहने के संबंध में डॉक्टरों की याचिका पर विचार करने को भी कहा। कोर्ट को उम्मीद है कि अगले महीने तक मामला सुलझ जाएगा.