रानीगंज: रविवार को रानीगंज कोयला श्रमिक भवन परिसर में दिवंगत वामपंथी श्रमिक नेता विवेक चौधरी की पहली पुण्यतिथि मनाई गई. इस अवसर पर आयोजित स्मृति सभा में सीटू के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष मुखर्जी ने श्रमिकों के हितों के खिलाफ केंद्र सरकार की नीतियों की कड़ी निंदा की.
मुखर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार श्रमिकों को अलग-थलग करके उनका शोषण कर रही है. स्थायी श्रमिकों के स्थान पर ठेका श्रमिकों को नियुक्त करके श्रमिक आंदोलन को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है. उन्होंने कहा, "देश की वर्तमान सरकार मालिक से भी बदतर भूमिका निभा रही है. शासक को बदलने का संघर्ष तेज़ करना होगा."
मुखर्जी ने यह भी कहा कि निजीकरण भाजपा सरकार की प्रबंधन की एक प्रक्रिया है. श्रमिकों के हितों को कमजोर करने वाले चार श्रम कोड पेश करके मालिकों और पूंजीपतियों के पक्ष में कानून बनाना सरकार की प्राथमिकता है. "आज पश्चिम बंगाल में बुनियादी अधिकार भी प्रभावित हैं. आरजी कर मुद्दे पर मजदूर, किसान, खेत मजदूर जनता के आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए सड़क पर हैं."
विवेक चौधरी की विरासत को याद किया गया
स्मृति सभा में विवेक चौधरी के जीवन और कार्यों को याद किया गया. चौधरी ने जीवन भर कोयला क्षेत्र के मजदूर आंदोलन को मजबूत करने का काम किया था. उन्होंने कोयला खदानों के निजीकरण के खिलाफ संघर्ष को गति दी और रानीगंज शहर के जन आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई.
रक्तदान शिविर और सांस्कृतिक कार्यक्रम
विवेक चौधरी की स्मृति में सुबह कोयला मजदूर सभा कार्यालय में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया,जिसमें 22 यूनिट रक्त संग्रह किया गया. शाम को काव्य पाठ और संगीत कार्यक्रम आयोजित किए गए.
स्मरणोत्सव की शुरुआत में श्रमिक नेता सुभाष मुखर्जी, वंशगोपाल चौधरी, जीके श्रीवास्तव, जीबन रॉय, बिन्येंद्र किशोर चक्रवर्ती, जहांआरा खान, रजत बनर्जी, प्रवीर मंडल, बिस्वरूप बनर्जी, एस देवराय, तापस कवि और अन्य वामपंथी नेतायों ने विवेक चौधरी के चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित की.
विवेक चौधरी की बहन ने किया दान
विवेक चौधरी की बहन सुजाता होम चौधरी ने वामपंथी मुख पत्र गणशक्ति के फंड, कोलियरी मजदूर सभा (सीआईटीयू) और सीपीआई (एम) पश्चिम बर्दवान जिले को चेक प्रदान किये.


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