बेरोजगार युवकों को नौकरी देने की मांग पर गजानन आयरन प्राइवेट लिमिटेड कारखाना गेट के सामने धरना प्रदर्शन किया गया
जामुड़िया - बोरो एक अन्तर्गत वार्ड संख्या छह के जादू डांगा इलाके स्थित मंडलपुर ग्राम के सैकड़ों स्थानीय महिलाए एवं पुरुषों ने इस इलाके के बेरोजगार युवकों को नौकरी देने की मांग पर गजानन आयरन प्राइवेट लिमिटेड कारखाना गेट के सामने सुबह से ही धरना प्रदर्शन किया गया ,जिसके कारण इस कारखाना से निकलने वाले सभी वाहनों का आवा जाही बंद रहा. इस बारे में जानकारी देते इस ग्राम की स्थानीय महिला सह जामुड़िया ब्लॉक एक तृणमूल कांग्रेस की महिला समिति की अध्यक्षाL राखी कर्मकार ने बताया कि कारखाना प्रबंधन द्वारा उनको आश्वासन दिया गया था कि सात मार्च तक इलाके के 20 बेरोजगार युवाओं को कारखाने में नौकरी दी जाएगी, लेकिन अभी तक कारखाना प्रबंधन ने अपना वादा पूरा नहीं किया है, जबकि देखा जा रहा है कि अन्य राज्यों से आने वाले लोगों को यहां पर नौकरी दी जा रही है. इस के खिलाफ यहां के ग्रामीणों ने आज यह धरना प्रदर्शन किया गया है. इनका कहना है कि जब तक 20 युवाओं को कारखाना प्रबंधन की तरफ से नौकरी नहीं दी जाती, यह अंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि यहां के लोगों को कारखाना की वजह से प्रदूषण की मार झेलना पड़ता है . लेकिन यहां के स्थानीय युवाओं को नौकरी नहीं दी जाती .बाहरी लोगों को नौकरी दी जाती है. इसी के खिलाफ इनका यह आंदोलन आज से शुरू हुआ और यहां से वह लोग तब तक नहीं हटेंगे जब तक कारखाना प्रबंधन 20 युवाओं को वादे के मुताबिक रोजगार नहीं देता. प्रदर्शन बरकरार रहेगा, वहीं जब इस विषय में कारखाना के अधिकारी हेमंत सिंह से बात की तो उन्होंने कहा कि जिस इलाके में यह कारखाना स्थित है .उस इलाके के 10 किलोमीटर दूरी के अन्दर 120 स्थानीय युवाओं को पहले से ही नौकरी दी जा चुकी है, लेकिन बार-बार स्थानीय ग्रामीणों द्वारा इस तरह का प्रदर्शन किया जा रहा है. उन्होंने साफ कहा कि यहां पर जो सत्ता में राजनीतिक दल है उसके श्रमिक संगठन के जरिए अगर यह लोग आते हैं तो लोगों को नौकरी दी जाएगी. इस तरह से आज भी कुछ लोग आंदोलन पर बैठ गए है और कल अन्य लोग भी अंदोलन करना शुरू कर देंगे ,फिर उनको भी नौकरी देनी होगी. इस तरह से प्रबंधन काम नहीं कर सकता. इसलिए यहां जो सत्ता पक्ष है उसके श्रमिक संगठन के जरिए नौकरी देने की बात कही गई है .उन्होंने कहा कि राखी कर्मकार नहीं चाहती कि वह सत्ता पक्ष के श्रमिक संगठन के जरिए आए. इसके पीछे उनका निजी स्वार्थ है ,और इस तरह से बार-बार अगर गेट जाम करके अंदोलन किया जाएगा तो कारखाने को बहुत नुकसान होगा. उन्होंने कहा कि आज के इस आंदोलन की वजह से कारखाने को लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है, क्योंकि उत्पादन और परिवहन दोनों सुबह से ही पूरी तरह से बंद है.










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