अंडाल-बुधवार के दिन गुरुद्वारा श्री गुरू सिंघ सभा गायघाटा हरिपुर में बड़े ही गुरू मर्यादा के अनुसार श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी की गुरू गद्दी दिवस मनाया गया. गुरबाणी कीर्तन कथा के माध्यम से जगत गुरू गुरू ग्रंथ साहिब जी का गुरू गद्दी दिवस पालन किया गया.गुरुद्वारा गायघाटा के प्रधान तरसेम सिंह ने कहा की दसवें गुरु गोबिंद सिंह जी ने देह धारी गुरू की प्रथा हटा गुरू गुरुबाणी को गुरू का दर्जा अर्थात गुरु ग्रंथ साहिब जिसमे 35 महा पुरषो की बानी है ,शब्द गुरु ज्ञान को गुरु जी का दर्जा मिला, उसी दिन को हमलोग सब मिलकर गुरबाणी गायन कर मना रहें है, जिसमें सबसे पहले हमारे स्थानीय सिख बच्चों ने गुरबाणी का कर्तन किया. उसके बाद गुरमत लहर आर्गेनाइजेशन के प्रचारक गुरप्रीत सिंह ने गुरबाणी कथा के माध्यम से संगतों को निहाल किया. विशेष तौर पर जमशेदपुर से आए कीर्तनी जत्था गुरदीप सिंह निक्कू ने गुरबाणी गायन कर संगतों को निहाल किया. इसके बाद धर्मप्रचार कमिटी जमशेदपुर के प्रचारक बीबी मनप्रीत कौर ने कथा गुरबाणी के माध्यम से सभी संगतों के बीच गुरबाणी के माध्यम से गुरमत विचार किया. गुरबाणी आदर्श के अनुसार किस तरह से हमें चलना है इस पर समझाया , गुरु को गुरु मानने का अर्थ है गुरु की जो वाणी है हमें उनके अनुसार जीवन व्यतीत करना है. इसलिए हमें गुरबाणी को ध्यान के रूप में गुरु को ग्रहण करना चाहिए, आजकल प्रचलित हो चुका है हम लोग बड़े-बड़े गुरु घरों की बिल्डिंग बना लेते हैं .आतिशबाजी कर कर करोड़ों रुपए खर्च कर लेते हैं. श्रीमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को गुरुद्वारा सही जगह पर बिना मर्यादा को तार-तार किया जा रहा है, गुरुओं ने कभी नहीं हमें यह सब सिखाए हमें अपने बच्चों को गुरबाणी से जोड़ने के लिए कहा था , आज छोटे-छोटे बच्चे नौजवान कुछ गुरबाणी की संस्कृति से दूर जा रहे हैं , हमारे प्रबंधकों के पास ऐसे प्रयास काम है छोटे बच्चों पर हमे इस और ध्यान देना चाहिए , इस इलाके में कई जगहों पर अच्छा कार्य हो रहा है, बहुत ही सराहनीय कम है, गुरबाणी की आज्ञा को मानकर हमें चलना है तो गुरबाणी की आदर्श पर ही चलना पड़ेगा.गुरमत लहर आर्गेनाइजेसन की तरफ़ से बच्चों को सिखी वाली चरखी के माध्यम से गुरमत का प्रचार किया गया, करनजीत सिंह अकाल चैनल कोलकाता को गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटि ने सम्मानित किया. आगत सभी संगतों को लंगर छकाया गया. आसनसोल सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी और सिख वेल्फेयर सोसाइटी की तरफ़ से जगदीश सिंह, रंजित सिंह दोल, आसनसोल शिल्पांचल के विभिन्न गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटि के सदस्य गण उपस्थिति थे.












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