रानीगंज-वर्ष 1989 में महाबीर कोलियरी हादसे को लेकर मिशन रानीगंज नामक एक फिल्म बहुत जल्द रुपहले पर्दे पर आने वाली है . गुरुवार की सन्ध्या फिल्म के स्थानीय कलाकारों को रानीगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स की तरफ से सम्मानित किया गया .इस मौके पर रानीगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स के तमाम पदाधिकारी गण उपस्थित थे . ज्ञात हो कि 13 नवंबर 1989 को हुई उस दुर्घटना पर आधारित अक्षय कुमार और परिणीति चोपड़ा की फिल्म मिशन रानीगंज 6 अक्टूबर को सिल्वर स्क्रीन पर आने वाली है, इस घटना में 65 मजदूरों को बचाया गया था. हालांकि पहले इस फिल्म का नाम "कैप्सूल गिल "रखा गया था,त्तपश्चात् "द ग्रेट रेस्क्यू ऑफ इंडिया" लेकिन अब इसका नाम "मिशन रानीगंज" रखा गया है. उस हादसे में जिस एंबुलेंस का इस्तेमाल किया गया था, वह भी रानीगंज के बाँसड़ा स्तिथ ईसीएल अस्पताल में रखी हुई है . कोलियरी के एडिशनल चीफ माइनिंग इंजीनियर जसवन्त सिंह गिल ने उन 65 श्रमिकों को अँधेरे से बचाया था .रानीगंज चैम्बर ऑफ कॉमर्स के आग्रह पर मुंबई से आये इस फिल्म के स्क्रिप्ट लेखक विपुल कुमार रावल और फिल्म के सभी स्थानीय सभी कलाकारों का रानीगंज चैंबर ऑफ कॉमर्स में स्वागत किया गया. इस संबंध में विपुल के रावल ने भी कहा कि यह फिल्म सच्ची घटनाओं पर आधारित है और इस सच्चाई को सामने लाने के लिए हम पिछले पांच वर्षों से कठिन परिश्रम कर रहे हैं, तब जाकर हम फिल्म का संपूर्ण निर्देशन कर पाए हैं, जो एक रानीगंज निवासी के रूप में गर्व की बात बन गई है, और मुझे उम्मीद है कि उस सच्ची कहानी से जुड़े कुछ लोगों ने मुझे आशीर्वाद दिया और उनके साथ यह फिल्म पूरी की गई.