रानीगंज-सेआरसोल स्थित होप नर्सिंग होम की महिला चिकित्सक पर पुनः एक बार इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप रोगी के परिजनों ने लगाया . जानकारी के मुताबिक रानीगंज सियारसोल की निवासी अपर्णा चैटर्जी को प्रसव के लिए बीते 16 अप्रैल को होप नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद 17 अप्रैल को उसका ऑपरेशन हुआ और उसे जुड़वा बच्चे हुए‌. बच्चे के जन्म बाद मां और बच्चे तीनों ही स्वस्थ थे, जिसके बाद अस्पताल से अपर्णा और उनके दोनों बच्चों को वापस घर ले गए, लेकिन वापस घर आने के बाद उसी दिन रात 8 बजे से अपर्णा की हालत बिगड़ने लगी और उसके निजी अंग से रक्त स्त्राव होने लगा, जिसके बाद उसे पुनः अस्पताल में भर्ती किया गया, लेकिन अगले दिन तक भी अपर्णा की हालत में कोई सुधार नहीं आया. जिसके बाद घबराए अपर्णा के ससुराल वाले कोलकाता के अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं. दूसरी ओर अपर्णा के ससुराल वाले उसकी बिगड़ती हालत होप नर्सिंग होम की डॉक्टर अमृता घोष को ठहरा रहे हैं, और तो और डॉक्टर से परिजनों ने मुआवजे की भी मांग की. वहीं इन सभी आरोपों को डॉक्टर अमृता घोष ने सिरे से खारिज कर दिया और कहा के मरीज की हालत पहले से ही खराब थी .ज्ञात हो कि इससे पहले भी होप नर्सिंग होम में डॉक्टर के इलाज में लापरवाही का आरोप लग चुका हैं और एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी थी, मुआवजे के बाद वह मामला रफा दफा हुआ. बार-बार इस तरह के मामलों को लेकर स्थानीय लोग यह प्रश्न उठा रहे हैं कि होप नर्सिंग होम में ऐसे मामले बार-बार क्यों हो रहे हैं.