जामुड़िया-तृणमूल कांग्रेस और सीपीआईएम समर्थकों के बीच गेट मीटिंग को लेकर झड़प और हाथापाई हो गई. दोनों ही दलों ने एक दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाया है.
तृणमूल कांग्रेस ने इस मामले को सीपीआईएम का आपसी संघर्ष बताया, लेकिन सीपीआईएम ने इन आरोपों से इनकार किया और आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने बाहरी उपद्रवियों को इकट्ठा कर हमला किया है. घटना से जामुड़िया औद्योगिक क्षेत्र गरमा गया है.
सीपीएम श्रमिक संगठन के नेता मनोज दत्ता ने आरोप लगाया कि शिवम धातु कारखाने के श्रमिकों के साथ श्रमिकों के अधिकारों और वेतन सहित अन्य मुद्दों पर आज बैठक थी.उस समय असीम चटर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस के कई गुंडे वहां जमा हो गए और उन्हें बैठक करने से रोक दिया.मनोज दत्तो ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के झंडे को फेंक दिया गया. माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक के परीक्षार्थियों के बारे में सोचते हुए उन्होंने मामले को न बढ़ाते हुए थाने में लिखित शिकायत दर्ज करा दी.
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस श्रमिक संगठन के नेता असीम चटर्जी ने कहा कि माकपा के ही मनोज दत्ता और तापस कवि अनुयायी आपस में भिड़ गए. 1 मई को पार्टी का झंडा फहराने के लिए उन्होंने जो वेदी बनाई थी, उस पर एक लाल झंडा लगाया गया था.उस झंडा को फहराने के लिए ही दोनों के समर्थक आपस में भीड़ गये. मनोज दत्त और तापस कवी के समर्थकों ने उनकी पार्टी द्वारा समर्थित कार्यकर्ताओं पर उस समय हमला किया जब वे टिफिन लेने के लिए निकले। उन पर लाठियों से हमला किया असीम चटर्जी ने कहा कि इस घटना में कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं.
तृणमूल श्रमिक संगठन के नेता नकुल रुइदास ने कहा
झंडा फहराने को लेकर माकपा नेता मनोज दत्त और तापस कवि के समर्थक आपस में भिड़ गए.
जब मामला उनके पास पहुंचा तो वे जामुड़िया बाजार पार्टी कार्यालय से वहां गए और उनसे बातचीत करने का प्रयास किया, लेकिन तापस कवि और मनोज बाबू के समर्थकों ने उनके कार्यकर्ताओं पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया.
नकुल रुइदास ने कहा कि जब पुलिस प्रशासन मौके पर आया तो मारपीट करने वाले भाग गए. अपनी ही गुटबाजी को दबाने के लिए संग़ठन को बदनाम किया जा रहा है।
वहीं मनोज दत्त ने कहा कि यह घटना बेहद निंदनीय है. माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक परीक्षा होने के बाद वे इस घटना के विरोध में एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे.



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