रानीगंज- रानीगंज के एनएसबी रोड एचडीएफसी बैंक के समीप रहने वाले व्यवसाई वीरेंद्र कृष्ण बजाज उर्फ टिंकू बजाज के बैंक ऋण समय पर न चुका पाने के कारण घर को कुर्की करने आए बैंक अधिकारियों को हाईकोर्ट के निर्देश पर बैंरग वापस लौटना पड़ा. यही नहीं बैंक कर्मियों द्वारा घर को किए गए सील की प्रक्रिया को भी रद्द करनी पड़ी. ज्ञात हो कि वीरेंद्र कृष्ण बजाज द्वारा अपने फर्म छितिज मेटल एंड मिनरल्स ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर अपने घर सहित 19 कट्ठा जमीन को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के पास गिरवी रख कर बीते 2011 वर्ष पूर्व 8 करोड़ ऋण लिया था जो अब बढ़ कर 11 करोड़ हो गई है. समय पर ना ऋण न चुका पाने को लेकर बैंक के अधिकारी घर को कुर्की करने के लिए पुलिस बल एवं जिला शासक के निर्देश पर डिप्टी मजिस्ट्रेट वेदनाथ हेंब्रम के नेतृत्व में घर सील किया जा रहा था , हालांकि इस दौरान व्यवसाई बिरेंद्र बजाज द्वारा बैंक के प्रबंधक राजीव कुमार वर्मा तथा डिप्टी मजिस्ट्रेट वेदनाथ हेंब्रम को बार-बार यह करते हुए अनुनय विनय किया जा रहा था की उनके पास घर की कुर्की करने पर रोक लगाने को लेकर आगामी 15 दिसंबर 2022 तक स्टे आर्डर है, एवं इसके बावजूद भी बैंक अधिकारी घर को सील कर रहे थे .सबसे बड़ी बात यह है इस दौरान घर की एक महिला ने बैंक अधिकारियों के सामने अनुनय विनय करते हुए नींद की दवा खाकर आत्महत्या करने की चेस्टा की हालांकि पुलिस के हस्तक्षेप के पश्चात उन्हें रोक लिया गया .बीरेंद्र बजाज ने अपने वृद्ध मां के स्वास्थ्य के हवाला देते हए कुछ समय की मोहलत मांगी पर बैंक अधिकारी एवं प्रशाशनिक अधिकारी नही माने .बीरेंद्र बजाज सहित उनके पूरे परिवार के साथ हिल हुज्जत भी किया,घर से निकलने का दवाब देने लगे. उसके बाद उसके परिवार के सदस्यों और रानीगंज चैम्बर ऑफ कॉमर्स से इसकी गुहार लगाई . चेंबर ऑफ कॉमर्स के कार्यकारी अध्यक्ष रोहित खैतान ने हाई कोर्ट के निर्देश की प्रति जिला शाशक को भेजा . जिलाशासक ने तुरंत संज्ञान लिया,एवं बीरेंद्र बजाज के घर उपस्थित डिप्टी मजिस्ट्रेट को बेरंग वापस लौटने का आदेश दिया. घर वापस पाकर परिवार के सभी सदस्य खुशी से झूम उठे . ऐसा घटना से स्वाभाविक रूप से खुश वीरेंद्र बजाज ने कहा कि यह सत्य की विजय हुई है उन्होंने कहा कि जब बैंक के अधिकारी प्रशासन के लोगों के साथ आकर उनके घर को कुर्की कर रहे थे तब उन्होंने जिला शासक से फोन पर बात कर उन्होंने तुरंत कोर्ट के कागजात जिला शासक को भेजें और जिला शासक की पहल पर कुर्की की कार्रवाई को रोक दिया गया. उन्होंने कहा कि जो भी कार्रवाई की गई थी उसे रद्द कर दिया गया और जिन कमरों को सील कर दिया गया था उन कमरों को वापस खोल दिया गया. श्री बजाज ने कहा कि जो अधिकारी आए थे उनकी मंशा ठीक नहीं थी ऐसा लग रहा था कि वह बहुत जल्दबाजी में है और किसी तरह घर को खाली करवा कर कुर्की करके जाना चाहते हैं . दूसरी ओर बिना कुर्की किये घर को सील करने की वापस लौटते हुए यूनियन बैंक के प्रबंधक राजीव कुमार वर्मा ने कहा यूनियन बैंक को इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में जाएगी.



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