दुर्गापुरःराखी तैयार करने के लिए जरूरत पड़ती है थर्माकोल और प्लास्टिक जो सरकार के द्वारा बंद है फिर भी बाजारों में राखी प्लास्टिक के मोटू पतलू छोटा भीम बिक रहे हैं इन सब की मांग काफी ज्यादा है दुर्गापुर के बेनाचिटी बाजार चंडीदास बाजार डीटीपीएस माया बाजार आदि बाजारों में राखी की बिक्री हो रही है कई दिन रह चुके हैं ।करोना महामारी के चलते दो साल से कारोबार में मंदी थी। जैसे ही कोरोना की स्थिति थोड़ी कम हुई, व्यापारी रंग-बिरंगी राखी की टोकरियां लेकर नजर आए। इनमें छोटा भीम, मोटू पतलू, डोरेमोन जैसे लोकप्रिय कार्टून चरित्रों का इस्तेमाल राखी पर बच्चों का ध्यान आकर्षित करने के लिए किया जाता है। यही सवाल खड़ा करता है। 1 जुलाई से 75 माइक्रोन से कम के प्लास्टिक और थर्मोकपल पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। तब भी कहीं न कहीं सरकार की धज्जियां उड़ाई जा रही है ।कारोबारियों का कहना है कि फैक्ट्री बंद होने से ही समस्या का समाधान होगा। फैक्ट्री से आने वाली राखी प्लास्टिक और थर्मोकपल से बनी होती है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि यह पहले से काफी कम आ रहा है। वह यह भी बताते हैं कि राखी जैसे छोटा विम डोरेमोन, मोटू पतलू बच्चों के बीच लोकप्रिय हो गया है। दुर्गापुर अनुमंडल दंडाधिकारी सौरभ चट्टोपाध्याय ने कहा कि सभी बाजारों में छापेमारी की जा रही है और जनता को जागरूक किया जा रहा है.

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