जमुड़िया-पश्चिम बंगाल आशा कर्मी यूनियन की ओर से 9 सूत्री मांगों के समर्थन में जमुड़िया बहादुरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में विरोध प्रदर्शन करते हुए, अपने मांगों का ज्ञापन पत्र स्वास्थ अधिकारी को सौंपा. उनकी मांग पत्र में सबसे अहम मांग रही की उनकी मासिक न्यूनतम वेतन 21 हजार करनी होगी, उनके बीते सभी बकाया का भुगतान करना होगा. उन्होंने अपनी सभी मांगों को मीडिया कर्मियों को बताया ताकि समाज के सभी लोगों तक उनकी गुहार पहुंचे. उन्होंने बताया कि पूरे सप्ताह भर बिना छुट्टी के उन्हें काम करना पड़ता है, और अगर मुश्किल से उन्हें छुट्टी मिल भी जाती है तो उन्हें अचानक से कभी भी फोन कर बुलाया लिया जाता है, और उनको अनगिनत काम दिए जाते हैं, अगर सरकार उनसे काम करवाती है तो उन्हें विश्राम का भी वक्त दें,और तो और आशा कर्मियों से सरकार ने यह भी वादा किया था के कोरोना पीड़ितों को 1 लाख रुपए दिए जाएंगे, मगर अब तक उनका वह भुगतान भी बकाया हैं, और उनकी मांग रही के 1 लाख के साथ-साथ कोरोना के कारण जान गंवाने वाले कर्मी के परिवार को मुआवजा और अन्य सुविधाएं दी भी जाए. उनकी एक और अहम मांग रही के सभी आशा कर्मियों को प्रशासन एंड्रॉयड फोन दे, एवं प्रति महीने रिचार्ज करने के लिए कम से कम 300 रुपए भी दे. आशा कर्मी ने कहा कि हमारे यह हड़ताल आगामी 7 दिनों तक चलेगा, और अगर इन 7 दिनों के अंदर उनकी मांग नहीं मानी गई, तो यह लोग अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर चले जाएंगे.

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