रानीगंज-कोयले की कमी की वजह से बल्लभपुर स्तिथ बल्लभपुर पेपर मिल लिमिटेड प्रबंधन द्वारा बुधावार को लगाए गए अस्थाई सस्पेंशन ऑफ क्लोजेर के नोटिस को फैक्ट्री प्रबंधन ने गुरुवार को हटाते हुए पुनः मिल को खोल दी गई. मिली जानकारी के अनुसार बीते मध्य रात्रि कोयले से लदे वाहन फैक्ट्री पहुंचा,जिससे श्रमिकों में खुशी की लहर दौड़ गई.
ज्ञात हो कि पिछले एक सप्ताह से वैध- अवैध कोयले की जांच -पड़ताल में बल्लभपुर पेपर मिल का 350 टन कोयले से लदी वाहन बंगाल -झारखंड बॉर्डर फस गई थी.
इस स्थिति को देखते हुए फैक्ट्री प्रबंधन स्थाई श्रमिकों से काम ले रही थी,जबकि अस्थाई श्रमिको को काम पर आने से मना कर दिया गया था, लेकिन पिछले 3 दिनों से बंद पड़ी फैक्ट्री को बढ़ते नुकसान की वजह से प्रबंधन ने फैक्ट्री बंद का नोटिस जारी कर दिया था.वहीं ट्रेड यूनियन सीटू द्वारा लगाए गए आरोप की कारखाना प्रबंधन आखिर हफ्ते भर कारखाना चलाने के लिए भी कोयला स्टॉक नहीं रखती है,एवं कारख़ाना प्रबंधन जान बुझ कर कारखाना बन्द करना चाहती है.इन आरोपों को खंडन करते हुए कारखाना प्रबंधन ने कहा कि जरूरत के मुताबिक कोयले को हम लोग स्टॉक रखते हैं और अग्रिम भुगतान करके सरकार को कोयला का डीओ का पैसे भी देते हैं ,यह आरोप बिल्कुल बेबुनियाद है कि प्रबंधन इस पर गंभीर नहीं है . एकाएक सरकार द्वारा दूसरे राज्यों से आने वाले कोयला के कागजात की जांच प्रक्रिया की वजह से समस्या उत्पन्न हुई थी.
इस फैक्ट्री में कुल 300 कर्मी श्रमिक कार्यरत हैं, जिसमें 65 श्रमिक स्थाई है . कारखाना को पुनः चालू होने पर स्थानीय सीटू नेता हेमंत प्रभाकर ने कहा कि प्रबंधन इस फैक्ट्री को सठीक रूप से चलाएं और हम लोग हर तरह से सहयोग को तैयार हैं.


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