आसनसोल : पश्चिम बंग आशा कर्मी यूनियन के बैनर तले सोमवार को आशा कर्मियों ने अपनी 5 सूत्री मांगों के समर्थन में एक जुलूस निकाली और फॉर्मेट काफी की प्रतियां को जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद पश्चिम बर्दवान के जिला शासक अरुण प्रसाद को एक ज्ञापन सौंपा।यह जुलूस बीएनआर स्थित रविंद्र भवन से शुरू होकर जिला कार्यालय के पास जाकर समाप्त हुआ। अपनी मांगों के बारे में बताते हुए एक आशा करनी किरण मुखर्जी ने बताई की लंबे समय तक कोरोना की स्थिति में हमें बिना वेतन के एक के बाद एक अतिरिक्त काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। पिछले दो सालों से हम अपने शरीर और दिमाग से कड़ी मेहनत कर रहे हैं। लेकिन हम लोग की प्रोत्साहन राशि अभी भी बकाया है। दुख की बात है कि हमारे 5 से 6 महीने के इंसेंटिव अभी बाकी हैं। सामाजिक जिम्मेदारी की कठिनाइयों के बावजूद हम काम करने के लिए मजबूर हैं।कई समस्याओं को लेकर आशा कार्यकर्ता अलग-अलग विभागों में बार-बार धरना दे रही हैं लेकिन सरकार किसी समस्या का समाधान नहीं कर रही है। बार-बार पश्चिम बंगाल आशा वर्कर्स यूनियन के माध्यम से आशा कर्मी स्वास्थ्य भवन गई वहां के अधिकारियों से अपनी समस्याओं को रखा लेकिन कोई समाधान या अच्छा जवाब नहीं मिला। किसी भी काम के लिए न्यूनतम समय दिया जा रहा है। कर्मचारियों के खातों में पैसा भेजना शुरू कर दिया है, लेकिन अभी तक सभी जिलों में शुरू नहीं हुआ है। 200, 500, 1000, 2000 जैसे पैसे किसी के खाते में आ रहे हैं। कुछ समझ नहीं आ रहा है।यदि हमारी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। तो हम किसी भी कार्य का बहिष्कार करने के लिए बाध्य होंगे। इसके विरोध में हम मजबूर होकर राज्य भर में तीव्र आंदोलन की ओर कदम बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि आज हम लोगों ने जिला शासक को ज्ञापन सौंपा है मुझे आशा है कि वे समस्या का शीघ्र समाधान करने का प्रयास करेंगे।

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