आसनसोल : पूरे शिल्पांचल में वीर क्रांतिकारी शहीद खुदीराम बोस का 132 वीं जयंती आसनसोल नगर निगम एवं विभिन्न संस्थाओं के द्वारा हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शुक्रवार को वीर स्वतंत्रता सेनानी शहीद खुदीराम बोस के जयंती के अवसर पर आसनसोल दक्षिण थाना के समक्ष स्थित शहीद खुदीराम बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। आसनसोल नगर निगम और दक्षिण थाना द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान आसनसोल नगर निगम के प्रशासक अमरनाथ चटर्जी, दक्षिण थाना प्रभारी अभिजित चटर्जी, निगम प्रशासनिक बोर्ड के उप चेयरमैन डॉ. अमिताभ बासु, पुलककांति दास, कल्लोल राय आदि उपस्थित थे। इस मौके परनगर निगम के प्रशासक अमरनाथ चटर्जी ने कहा किदेश के लिए मात्र 18 साल की उम्र में फांसी के फंदों पर झूलने वाले अमर शहीद खुदीराम बोस का जन्म 3 दिसंबर, 1889 को पश्चिम बंगाल के मिदनापुर में हुआ था।देश की आज़ादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले सबसे कम आयु के क्रांतिकारी अमर शहीद खुदी राम बोस जयंती पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर मैं गर्वान्वित महसूस करता हूं।जिन्होंने मात्र 19 वर्ष की आयु में गुलामी के जंजीरो में जकड़े देश को आज़ाद कराने के लिए फांसी के फंदे को चूम कर अपने प्राणों की आहुति दी। खुदीराम बोस आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत है। उनके जन्मदिन को शहीद दिवस के रुप में मनाया जाना चाहिए। इसके उपरांत आसनसोल के मोहिशीला कॉलोनी स्थित खुदीराम बोस की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण किया गया। यहां भी आसनसोल नगर निगम के प्रशासनिक बोर्ड के चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी, अड्डा के चेयरमैन सह रानीगंज के विधायक तापस बनर्जी, प्रशासनिक बोर्ड के उप चेयरमैन मानस दास, डॉ. अमिताभ बासु, निगम अधिकारी बीरेन अधिकारी सहित तमाम गणमान्य लोग मौजूद थे। शहीद खुदीराम बोस के बलिदान को याद करते हुए अड्डा के चेयरमैन सह रानीगंज के विधायक तापस बनर्जी ने कहा कि बहुत कम उम्र में ही खुदीराम बोस ने अपनी जिंदगी को देश के लिए कुर्बान कर दिया था। आज की पीढ़ी को खुदीराम बोस से प्रेरणा लेने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि आज के दिन को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए ताकि आने वाले समय में लोगों को भारत माता के इस वीर सपूत के बलिदान के बारे में पता रहे।

0 टिप्पणियाँ