रानीगंज-पिछले 1 सालों से कृषि बिल कानून के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन आखिरकार शुक्रवार को समाप्त हो गये. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह 9:00 बजे अपने संबोधन में कृषि कानून बिल वापस लेने की घोषणा की, जिसके बाद जगह-जगह उत्सव मनाया जा रहे हैं.इसी क्रम में सीपीआईएम से सम्बद्ध कृषक सभा की तरफ से रानीगंज के डॉल्फिन मैदान से एक रैली निकाली गयी, जिसमें भाजपा को तानाशाही सरकार बताते हए बीजेपी सरकार के खिलाफ आवाज उठाई गई. सीपीआईएम कृषक सभा की तरफ से कहा गया कि कि 1 साल से चल रही लड़ाई के आगे आखिरकार केंद्र सरकार को झुकना ही पड़ा और यह सब संभव हो पाया है तो सिर्फ हम किसानों की वजह से. इस दौरान हेमंत प्रभाकर ने कहा ग कि जब जब सरकार अपने तानाशाही रवैया को अपनाएगी आएगी तब तक मजदूर वर्ग उसके खिलाफ खड़ा होगा और सरकार को ऐसे ही उसके आगे झुकना ही पड़ेगा. इस दौरान किसान नेता मलय मंडल, श्रमिक नेता दिबेन्दु मुखर्जी, मनोजित बोस, संजय प्रमाणिक, कृष्णा दास गुप्ता आदि उपस्थित रहे.

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